पिछले कुछ वर्षों के पर खेती के ट्रेंड नजर डालिए। सरकार, कृषि वैज्ञानिक और जानकार लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं, कि पारंपारिक खेती के साथ फल, सब्जी और औषधीय और सगंध पौधों की खेती कीजिए। देश के कई राज्यों में औषधीय फसलों का रकबा भी तेजी से बढ़ा है। लेकिन एक समस्या भी आई है वो है किसानों के सामने सीधी बाजार की यानि, किसान ने जो उगाया, पैदा किया वो बेचें कहां।

भारत करीब 600 करोड़ रुपए के हर्ब उत्पादन और औषधियों का निर्यात करता है। हालांकि भारत की खेती और यहां पाई जाने विशेषताओं को देखते हुए काफी कम है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बहुत संभवनाएं है। शायद यही वजह है कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा कर चुकी नरेंद्र मोदी सरकार ने एरोमा मिशन शुरु किया है,जिसके तहत औशधीय और सगंध खेती और इससे जुड़ी इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।

यहाँ नम्बर है जो फसल खरीदते है...

http://hindi.krishijagran.com/lekh/medicinal-crops/farmer-brother-sold-his-medicinal-crops-here/