किसान भाइयों, मोती की खेती कैसे करें ?

  • 163 Views
  • Last Post 18 April 2018
ritik posted this 18 April 2018

किसान भाइयों, मुझे मोती की खेती करनी है, अगर आप किसी के पास मोती की खेती की जानकारी है तो कृपया प्रदान करें| 

sujeetpal posted this 18 April 2018

जब मोती के निर्माण की बात आती है तब आमतौर पर कोई भी खोलीदार सीप मोती पैदा कर सकती है, लेकिन वैसे सीप में जिसमे मोती जैसी रेखाएं होती हैं या शैल यानी खोली के आंतरिक भाग की सतह पर सीप चमकदार मोती को पैदा कर सकता है। यहां सवाल उठता है कि आखिर इन मोतियों का निर्माण कैसे होता है ? एक सामान्य जैविक प्रक्रिया में एक पराये शरीर में असमान्य प्रतिक्रिया होती है जो कि शैल यानी सीप का निर्माण एक खास ढांचे में करता है जिसमे मोती निर्माण कार्य का आधार तैयार रहता है। वास्तव में, आवरण की बाहरी उपकला कोशिकाएं एक उत्तक हैं जो मोती के सीप उत्पादन के लिए उत्तरदायी है। आवरण की बाहरी उपकला कोशिकाओं के उत्तक में जब बाहरी उत्तेजना (जैसे कि दूसरे कठोर शरीर में अचानक अकड़न) होती है तब दूसरे शरीर से मोती का उत्पादन शुरू हो जाता है।

हम आंख मूंदकर कह सकते हैं कि, मोती कुछ नहीं है, बल्कि मुलायम खोलीदार सीप में स्थित कैल्सियम कार्बोनेट का निक्षेप यानी जमा हुआ एक पदार्थ है। हालांकि ताजे पानीमें मोती का उत्पादन अलग तरीके से होता है। अक्सर, ताजे पानी में मोती उत्पादन, शंबुक (एक प्रकार की कौड़ी) में सर्जरी से नाभिक बनाते हुए मौती तैयार करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

यहां फिर एक सवाल उठता है कि मोती उत्पादन में कितना वक्त लगता है ? तो इसका जवाब है कि यह शंबुक के प्रकार और मोती के बनने पर निर्भर करता है जिसमे कुछ महीनों से लेकर कई साल लग सकते हैं। मोती के उत्पादन में, प्राकृतिक मोती, समुद्री जल में पैदा हुए मोती और ताजे जल में पैदा हुए मोती शामिल ैं। आगे हम ‘ताजे जल में पैदा होने वाले मोती’ के बारे में चर्चा करेंगे

Close