कांग्रेस सरकार बनते ही मध्यप्रदेश के किसानों को थोड़ी राहत मिली है. कांग्रेस ने किसानों का कर्जा माफ करके किसानों के दिलों में अपनी जगह बना ली है. जिसे देखते हुए अब भाजपा भी पीछे नहीं रहना चाहती और वह भी किसानों के लिए नई योजनाएं बनाने में लगी है. असम सरकार ने भी किसानों की कर्ज माफी पर मंजूरी दे दी है. लेकिन यह ऐलान जितना राहत देने वाला लगता है उतना है नहीं.

कर्जमाफ़ी योजना से किसानों को राहत तो मिली है लेकिन जो गरीब राज्य हैं, वहां केवल 10 से 15 प्रतिशत किसानों को ही कर्ज माफी से लाभ मिलेगा. क्योंकि छोटे राज्यों में किसानों की बैंकों और वित्तीय संस्थानों से क़र्ज़ लेने की संख्या बहुत कम है. इस योजना से कई ऐसे किसान होंगे, जिनको इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा. इस योजना का फ़ायदा भी कुछ ही किसान उठा पाएंगे.

 

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